आवेदक श्री बनेसिंह गुर्जर द्वारा की गई 

       शिकायत की वस्तु स्थिति

     गठित टीम ने की मौके पर जांच

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खिलचीपुर – जीरापुर सुश्री अंकिता जैन ने बताया कि बनेसिंह पिता रतनसिंह गुर्जर निवासी खेडी के द्वारा आवेदन दिया कि मेरी भूमि पर खड़ी फसल को गांव के दबंगों द्वारा नष्ट करके उक्त भूमि पर कब्जा कर लिया है। उक्त शिकायत के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), तहसीलदार जीरापुर, नायब तहसीलदार माचलपुर एवं पटवारियों की टीम का गठन कर मौक पर वस्तुस्थिति की जांच की गयी। 

      टीम द्वारा जांच में पाया कि आवेदक श्री बनेसिंह पिता रतनसिंह गुर्जर निवासी खेडी की स्वयं एवं परिवार की ग्राम खेडी प.ह.न. 15, तहसील जीरापुर स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 407/28/1 रकबा 1.754 हे. , भूमि सर्वे क्रमांक 407/ 28 / 2 रकबा 1.753 हे., सर्वे क्रमांक 407 / 28 / 3 रकबा 1.754 हे. कुल किता 03 कुल रकबा 5.261 हे. लगभग 21 बीघा भूमि पर नपती करने ग्रामवासियों की उपस्थिति में सीमा – चिन्ह बताये गये, जिससे आवेदक संतुष्ट है।

         आवेदक श्री बनेसिंह पिता रतनसिंह  गुर्जर निवासी खेडी, तहसील जीरापुर के द्वारा ग्राम खेडी स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 407/1/1/2/1/4/1, 407/3/1/4/1, 407/6/1/4/1 रकबा 0.458 हे की भूमि दिनांक 09.06.2023 को ई-रजिस्ट्री क्रमांक MP309902023A11965720 द्वारा क्रेता राधाबाई पति श्यामलाल गुर्जर निवासी ग्राम पोलखेडा, तहसील जीरापुर को विक्रय की गयी है। 

        उक्त भूमि का नामांतरण न्यायालय नायब तहसीलदार टप्पा माचलपुर से हो चुका है। मौके पर रजिस्ट्री का अवलोकन किया गया। रजिस्ट्री में उल्लेखित चतुरसीमा एवं फोटोग्राफ बिकीत भूमि के ही प्रतीत होते हैं जबकि आवेदक का कहना है कि उसके द्वारा बिकीत भूमि की रजिस्ट्री संपादित नहीं करायी गयी है। अतः मौके पर विक्रय पत्र संबंधी विवाद पाया गया। जिसके निराकरण हेतु दोनों पक्षों के द्वारा माननीय व्यवहार न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराने हेतु सहमति दी गयी। जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट है।

       आवेदक बनेसिंह पिता रतनसिंह जाति गुर्जर निवासी खेडी के द्वारा मौके पर मौखिक रूप से बताया कि उसे गांव में मकान पर जाने से गांव के दबंग लोगों के द्वारा रोका जा रहा है इस संबंध में गांव में जाकर ग्रामवासियों से चर्चा की गयी जिसमें शिकायतकर्ता क समक्ष ग्रामवासियों के द्वारा बताया गया कि शिकायतकर्ता एवं उसके भाई अपनी मर्जी से खेत पर बने मकान पर रहने लगे है। अतः स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता को गांव में जाने से किसी के द्वारा नहीं रोका जा रहा है।

        राजस्व अमला व पुलिस टीम द्वारा श्री बनेसिंह पिता रतनसिंह गुर्जर निवासी खेडी को 21 बीघा जमीन मौके पर नापकर सीमाचिन्ह बताये गये जिस पर किसी अन्य का कब्जा नहीं होना पाया गया एवं विक्रय पत्र शिकायतकर्ता के द्वारा स्वयं किया जाना पाया गया। शिकायतकर्ता को गांव स्थित मकान पर किसी भी ग्रामवासी के द्वारा रोका जाना नहीं पाया गया है।

विवेक मालवीय

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