निजी स्कूलों द्वारा पाठ्यपुस्तकों, यूनिफार्म क्रय करने के लिए अनुचित दबाव ना बनाने के निर्देश

प्रधान संपादक - विवेक मालवीय

निजी स्कूलों द्वारा पाठ्यपुस्तकों, यूनिफार्म एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री के क्रस करने के लिए पालकों पर अनुचित दबाव न बनाया जाये। इस आशय के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किये गये हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव श्री ओ एल मण्डलोई ने समस्त कलेक्टर को पत्र के माध्यम से कहा है कि कतिपय स्कूल प्रबंधन एवं प्राचार्य द्वारा एनसीईआरटी, एससीईआरटी से संबंधित पुस्तकों के साथ अन्य प्रकाशकों की अधिक मूल्य की पुस्तकें एवं अन्य सामग्री क्रय करने के लिए पालकों पर अनुचित दबाव बनाया जाकर विषयवार एनसीईआरटी,सीबीएसई,एससीईआरटी मुद्रित व निर्धारित पाठ्यक्रम की पाठ्य पुस्तकों के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तकों को चयन कर अभिभावक को दुकान विशेष,निर्धारित स्थान से पाठ्य पुस्तकों व अन्य शैक्षिक सामग्री अथवा यूनिफार्म क्रय करने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से बाध्य किया जा रहा है।
      स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश में निजी विद्यालय (फीस तथा अन्य संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम, 2017 के तहत म.प्र. निजी विद्यालय (फीस तथा अन्य संबंधित विषयों का विनियमन) नियम 2020 के तहत संज्ञान में लिया जाये। म.प्र. निजी विद्यालय (फीस तथा अन्य संबंधित विषयों का विनियमन) नियम 2020 में स्पष्ट उल्लेख है कि निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र या अभिभावक को पुस्तकें, यूनिफार्म, टाई, जूते कॉपी आदि केवल चयनित विकताओं से कय करने के लिए औपचारिक अथवा अनौपचारिक किसी भी रूप में बाध्य नहीं किया जाएगा। छात्र या अभिभावक इन सामग्रियों को खुले बाजार से कय करने के लिए स्वतंत्र होंगे। इस आशय की शिकायतें प्राप्त होने की स्थिति में नियम 2020 के नियम 9 में वर्णित प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित विद्यालय के विरुद्ध आवश्यक शास्ति अधिरोपित करने की कार्यवाही की जाये।

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