जिला न्यायालय राजगढ़ में नेशनल लोक अदालत आयोजन*

*आयोजित नेशनल लोक अदालत में मिला स्थायी समाधान*

Vivek malviya

विवेक मालवीय – वर्ष-2023 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय राजगढ़ एवं तहसील न्यायालय- ब्यावरा, नरसिंहगढ़, सारंगपुर, खिलचीपुर एवं जीरापुर में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री रत्नेशचंद्र सिंह बिसेन के मार्गदर्शन जिले की 09 एवं तहसील न्यायालय की 19 खंडपीठ इस प्रकार कुल 28 खंडपीठों के पीठासीन अधिकारियों के प्रयासों तथा अधिवक्ता एवं आमजन के सहयोग तथा सचिव श्रीमती मीनल श्रीवास्तव के समन्वय से नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

जिला मुख्यालय राजगढ़ में वर्ष की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन एवं शुभारंभ कार्यक्रम जिला न्यायालय परिसर राजगढ़ स्थिति ए.डी.आर. सेंटर भवन के सभागार में जिला न्यायालय राजगढ़ के मुखिया प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री बिसेन के मुख्य आतिथ्य, कलेक्टर श्री हर्ष दीक्षित तथा पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा के विशेष आतिथ्य में तथा प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, विशेष न्यायाधीश सहित जिला न्यायालय राजगढ़ में पदस्थ समस्त जिला न्यायाधीश एवं व्यवहार न्यायाधीश- वरिष्ठ, कनिष्ठ खंड व प्रशिक्षु न्यायाधीशगण की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर जिला अभिभाषक संघ- राजगढ़ के अध्यक्ष, सचिव सहित अन्य अभिभाषकगण, शासकीय अधिवक्ता, लोक अभियोजन अधिकारी, कार्यालय लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ, डिप्टी चीफ, असिस्टेंट, विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री, जिला चिकित्सालय राजगढ़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, लीड बैंक मैनेजर सहित समस्त बैंको के प्रबंधक, कर्मचारी, बी.एस.एन.एल., नगरपालिका, पैरालीगल वालेंटियर्स, जिला न्यायालय के अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रधान जिला न्यायाधीश, विशेष अतिथिगण सहित उपस्थित न्यायाधीशगण व अध्यक्ष अधिवक्ता संघ द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा न्यायालयों में लंबित व न्यायालय में प्रस्तुत होने से पूर्व के प्रकरणों में अधिक से अधिक मामलों के निराकरण कराये जाने पर बल दिया गया। इसी प्रकार विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा भी नेशनल लोक अदालत को आमजनों की समस्याओं के निराकरण का समुचित स्थायी विकल्प बताया गया।
इस अवसर पर न्यायालय में लंबित प्रकरणों का आपसी सुलह एवं समझौते से निराकरण करने वाले पक्षकारों को भेंट स्वरूप पौधे दिये गये। नेशनल लोक अदालत आयोजन के माध्यम से वर्षों से लंबित अनन्य प्रकरणों में आमजन व पक्षकारों को स्थायी समाधान प्राप्त हुआ। शुभारंभ कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सिमोन सुलिया द्वारा किया गया।
समाचार लिखे जाने तक जिला एवं तहसील न्यायालयों में राजीनामायोग्य समस्त प्रवृत्ति के निराकृत लंबित एवं प्रीलिटीगेशन मामलों का विवरण निम्नानुसार हैै।
न्यायालयों में लंबित प्रकरण में आपराधिक राजीनामा योग्य – 149, धारा 138 – 48, बैंक ऋण वसूली विवाद, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण – 29, विद्युत बकाया – 38, जल कर बकाया, वैवाहिक विवाद – 100, भूमि अधिग्रहण, सर्विस, राजस्व वसूली वाद, अन्य प्रकरण – 32 इस प्रकार कुल निराकृत प्रकरण – 396 समझौता राशि 20984670 लाभान्वित व्यक्ति – 885 है।
न्यायालयों में प्रस्तुत होने से पूर्व के प्रकरण धारा 138 के मामले, बैंक ऋण वसूली विवाद 39, विद्युत बकाया 189, जल कर बकाया 165, भरण पोषण 12, अन्य प्रकरण 02, कुल निराकृत प्रकरण 407 समझौता राशि 7789320 लाभान्वित व्यक्ति 623 है।

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