वैक्सीन लिफ्टर बोले : जितना वेतन मिल रहा है, उसमें तो खर्चा भी नहीं निकल रहा

विवेक मालवीय -(राजगढ़) – स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले वैक्सीन लिफ्टर (एवीडी) ने मुख्यमंत्री तक अपनी व्यथा पहुंचाई है। जिला मुख्यालय पर सौंपे गए ज्ञापन में वैक्सीन लिफ्टर ने बताया है कि जितना मानदेय उन्हें दैनिक आधार पर दिया जा रहा है, उसमें उनका खर्चा भी नहीं मिल निकल पा रहा है। स्वास्थ्य वैक्सीन लिफ्टर संघ के जिला अध्यक्ष मनोज कुशवाह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे इन कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा साल 2008-2009 से मातृ एवु शिशु टीकाकरण के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों तक भेजा जाता है। वैक्सीन लिफ्टर पिछले 15 सालों से अपना काम निरंतर ईमानदारी से कर रहे हैं। इस काम के लिए उन्हें 60 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 125 रुपए जा रहे हैं और 60 किलोमीटर से अधिक दूरी होने पर 225 रुपए दिए जाते हैं। इन पैसों में पेट्रोल खर्च भी शामिल है। स्वास्थ्य वैक्सीन लिफ्टर कोविड-19 में अपनी जान की परवाह एवं अपने परिवार की परवाह न करते हुए निरंतर वैक्सीनेशन में सहयोग देते रहे हैं। इस महंगाई के जमाने में इतने कम पैसों में वैक्सीन लिफ्टर और उनके परिवारों का जीवन यापन मुश्किल हो रहा है। इसलिए वैक्सीन लिफ्टर को शासन की ओर से 21 हजार रुपए प्रतिमाह और पेट्रोल खर्च अलग से दिया जाना चाहिए।

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